Bhopal में Kolar Water Supply Scheme की पुरानी पाइपलाइन टूटने से शहर का 30% हिस्सा चार दिनों से पानी के लिए तरस रहा है। BMC के 70 Tankers भी नाकाफी साबित हुए — अब लोग Private Tankers से महंगा पानी खरीदने को मजबूर।
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में पिछले चार दिनों से गंभीर Water Crisis बनी हुई है। Kolar Water Supply Scheme की मुख्य पाइपलाइन Sankhedi क्षेत्र में टूट जाने के बाद से शहर के 30 प्रतिशत हिस्से में पानी की आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई। इस संकट से करीब 2.5 लाख से अधिक घर और 8 लाख से ज़्यादा नागरिक प्रभावित हैं।
नगर निगम (BMC) ने शुरू में बुधवार तक मरम्मत पूरी करने का भरोसा दिया था, लेकिन शुक्रवार को भी स्थिति सामान्य नहीं हो सकी। अधिकारियों ने अब शनिवार तक Normal Water Supply बहाल होने की उम्मीद जताई है।
कौन-कौन से इलाके हैं सबसे ज़्यादा प्रभावित?
- Arera Colony
- Chunabhatti
- MP Nagar
- Shahpura
- Kolar
- Hamidia Road
- 7 से अधिक Zones
इन सभी इलाकों में पानी की भारी किल्लत के चलते लोग परेशान हैं। BMC ने 70 Water Tankers तैनात किए और दावा किया कि चार दिनों में करीब 1,000 Water Supply Trips पूरी की गई हैं — लेकिन यह आपूर्ति मांग के मुकाबले बेहद कम रही।
Private Tankers पर निर्भर हुए नागरिक, बढ़े दाम
सरकारी Tankers की कमी के चलते शहर के हज़ारों परिवारों को Private Water Tankers से महंगे दामों पर पानी खरीदना पड़ा। इससे आम नागरिकों में काफी रोष और निराशा देखी गई। सोशल मीडिया पर भी BMC की व्यवस्था को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
क्या बोले BMC के अधिकारी?
रिपोर्ट्स के मुताबिक Kolar Water Supply Scheme की यह मुख्य पाइपलाइन करीब 30 साल पुरानी है। Sankhedi क्षेत्र में इसके टूटने से पूरे शहर के जल-वितरण तंत्र पर असर पड़ा। विशेषज्ञों का मानना है कि पुरानी और जर्जर पाइपलाइनों की समय पर जांच और बदलाव ज़रूरी है, वरना ऐसी Emergency बार-बार आती रहेगी।
